विद्युल्लता अनुक्रम
विद्युल्लता
अनुक्रम
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1 |
तुम
प्रतिबिम्बित कण कण में |
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2 |
हे
नाथ तुम्हें ना भूल सकूँ! |
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3 |
जो
मिल गया सम्हाल ले |
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4 |
प्रभु
का यह मन्दिर है |
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5 |
राम को नाम
अधार है |
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6 |
जय जय हे गुरुदेव! |
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7 |
फिर माटी माटी में धर दी |
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8 |
हे अंशुमान ! |
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9 |
पीत पात झड़ते हैं |
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10 |
नेपथ्य के उस पार |
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11 |
पीड़ा |
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12 |
नयनों की भाषा पढ़नी है |
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13 |
मैं बरसती बूँद
में हूँ |
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14 |
दिल में फाँस चुभती है |
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15 |
दीप मैं अविचल अकम्पित |
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16 |
वे मेरे ही आँसू हैं |
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17 |
पत्र तुम्हारा मेरी थाती |
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18 |
कुछ तो उसकी बात करो |
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19 |
खाक बस तेरी बचेगी |
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20 |
मौसम बीता जाय |
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21 |
ओ प्रवासी मानसर के |
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22 |
पत्थर
में फूल खिलाओ |
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23 |
यह
मेरा इन्दौर है |
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24 |
जागा
अरुणिम भोर प्रिये |
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25 |
मैं
थोड़ा थोड़ा छूट गया हूँ |
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26 |
मन
मीत कोई गाने लगता है |
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27 |
गीत
सृजन के गावेंगे |
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28 |
दो
दिये दो जिन्दगी |
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29 |
स्मृतियों
में सदा जियूँगा |
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30 |
ऐ
जिन्दगी |
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31 |
कस्तूरी
के मृग |
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32 |
तुम
न आए |
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33 |
दीप
जलता रहा |
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34 |
प्राण
की वंशी |
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35 |
मुक्तक |
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36 |
तुम्हें
सौंपता हूँ |
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37 |
पीर
मेरी मधुबनी |
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38 |
सिलवटों
के पार से |
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39 |
सेवा
का हवन कुण्ड |
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40 |
सभी
आईना पहन लें |
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41 |
खामोश
चिट्ठी |
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42 |
गर
मैं पागल होता |
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43 |
ऐ! नभ ऐ! विराट |
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44 |
गगन
तुम्हारे अमित रूप |
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45 |
बारिश
की बूँदें |
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46 |
आइना
कहता रहा |
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47 |
कौन
दस्तक दे रहा है। |
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48 |
मेरा
उपवन बुला रहा है |
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49 |
जिद
कर बैठा हूँ |
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50 |
जीवन
की चादर |
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51 |
अमर प्रीत
मेरी |
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52 |
बिखर
गए सब सपने |
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53 |
कोरोना
महामारी (कोविड -19) |
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54 |
नेह
की वही शपथ |
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55 |
बिन
तुम्हारे क्या करूँगा |
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56 |
धरा
का श्रृंगार |
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57 |
अनकहे
संवाद गूँजे |
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58 |
उम्र
कलम की कच्ची है |
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59 |
अनमने
हैं घाट पनघट |
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60 |
दुबका
बैठा जीवन है |
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61 |
मधुगीत गुन गुन कर रहा |
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62 |
शब्द में हैं
अर्चनाएँ |
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63 |
खपरैली बस्ती में |
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64 |
मौन है चिर प्रीत मेरी |
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65 |
भोर की रश्मियाँ |
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66 |
सपने सारे संग ले गये |
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67 |
नेपथ्य के उस पार |
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68 |
यों ही मुझको भूल सकोगी? |
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69 |
दिल का दर्पण टूट गया |
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70 |
तिरछी लकीरें |
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71 |
गीत गाता हूँ मैं |
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72 |
झुर्रियों की शक्ल में |
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73 |
गाओ रे! झूम
झूम! |
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74 |
इस तरह सिमट गए |
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75 |
चल रे जीवन उछल उछल |
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